शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय चितरंगी में आयोजित हुआ अंग्रेजी स्कैफोल्डिंग शैक्षिक संवाद
-प्रभावी शिक्षण में शिक्षक संदर्शिका की भूमिका विषय पर आयोजित हुआ संवाद
चितरंगी। (उपेन्द्र द्विवेदी) शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चितरंगी में शनिवार को शैक्षिक संवाद का आयोजन किया गया। जन शिक्षा केंद्र चितरंगी के अंतर्गत सभी विद्यालयों के कक्षा पहली व दूसरी में शैक्षणिक कार्य कर रहे शिक्षक व प्रधानाध्यापक मौजूद रहे। प्रभावी शिक्षण में शिक्षक संदर्शिका की भूमिका विषय पर शैक्षिक संवाद आयोजित किया गया जिसमें सभी शिक्षकों ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता उत्कृष्ट विद्यालय के प्राचार्य जेजे भारती ने की। सहजकर्ता के रूप में मजीद मोहम्मद खान व अंगेश्वर गुप्ता ने अपने विचार रखें।
प्राचार्य जेजे भारती ने कहा कि अंग्रेजी स्कैफोल्डिंग शैक्षिक संवाद से अर्थ अंग्रेजी पढ़ाने के संदर्भ में 'स्कैफोल्डिंग' का उपयोग करके शैक्षिक संवाद को बेहतर बनाना है, जहाँ 'स्कैफोल्डिंग' शिक्षकों द्वारा छात्रों को भाषा सीखने और समझ में मदद करने के लिए प्रदान की जाने वाली अस्थायी सहायता है।
बीआरसीसी एलडी यादव ने कहा कि शैक्षिक संवाद शिक्षकों के बीच एक ऐसा कार्यक्रम है जिसमें वे अनुभव साझा करते हैं, और इस प्रकार कक्षा में सीखने-सिखाने की प्रक्रिया को समृद्ध करते हैं।
जनशिक्षक मजीद मोहम्मद खान ने अंग्रेजी स्कैफोल्डिंग से शिक्षण पद्धति में होने वाले बदलाव को विस्तार रूप से शिक्षकों को बताया। उन्होंने कहा कि स्कैफोल्डिंग छात्रों को नए कौशल और अवधारणाओं को सीखने में मदद करने के लिए अस्थायी मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करती है।
जनशिक्षक लालकुमार पनिका व अंगेश्वर गुप्ता ने कहा कि स्कैफोल्डिंग से छात्रों की समझ की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ धीरे-धीरे उनके अंदर के भय को समाप्त कर देता है, जिससे वे स्वतंत्र हो जाते हैं।
प्राथमिक विद्यालय मुड़हेर के प्रधानाध्यापक सुनील कुमार, प्राथमिक शाला देईचुआ के प्रधानाध्यापक सुधीर यादव, प्राथमिक शाला महोगड़ी के शिक्षक अविनाश शर्मा व बघेलिया टोला के शिक्षक प्रशांत त्रिपाठी ने बताया कि कक्षा में छात्रों को सबसे पहले शिक्षक द्वारा आई-डू अर्थात किसी भी विषय या प्रश्न को पहले छात्रों के सामने स्वयं करना, इसके बाद वी-डू अर्थात पूरी क्लास के साथ मिलकर सभी लोगों को हल करना और अंत में यू-डू अर्थात छात्र को आसानी से प्रश्न को हल करने के लिए स्वतंत्र छोड़ देना होता है। इन तीन आयामों के जरिए छात्रों की शिक्षण गुणवत्ता में वृद्धि की जा सकती है। इस अवसर पर जन शिक्षा केंद्र से जुड़े सभी शिक्षक शिक्षिकाएं आदि मौजूद रहे।
Comments
Post a Comment